दिनांक: 17-JULY-2022
दिन: रविवार
स्थान: दिल्ली
कार्यक्रम विवरण
अणुव्रत भवन - मंत्र दीक्षा व वीतराग पथ कार्यशाला का आयोजन
17 जुलाई 2022, अणुव्रत भवन, नई दिल्ली, अभातेयुप के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद् दिल्ली द्वारा शासनश्री साध्वीश्री संघमित्रा जी के पावन सानिध्य में मंत्र दीक्षा व वीतराग पथ कार्यशाला का आयोजन किया गया। अणुव्रत भवन में गांधीनगर ज्ञाऩशाला के ज्ञानार्थियों, प्रशिक्षक- प्रशिक्षकाओं के साथ साउथ दिल्ली और राजेंद्र नगर की भी उपस्थिति रही।
गांधीनगर ज्ञानशाला के बच्चों ने ज्ञानशाला गीत की मंगलाचरण द्वारा प्रस्तुति दी और ज्ञानार्थियों द्वारा अनाथि मुनि के ऊपर एक सुंदर नाटिका प्रस्तुत की गई व दक्षिण दिल्ली ज्ञान शाला के बच्चों ने अच्छी प्रस्तुति दी। साध्वीश्री संघमित्रा जी ने बच्चों को मंत्र दीक्षा दिलाई और साथ में मंत्र सेठिया, महामंत्री श्री प्रमोद घोड़ावत, दिल्ली ज्ञानशाला के संयोजक श्री अशोक बैद, तेरापंथ युवक परिषद् के अध्यक्ष श्री विकास सुराणा, महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती मंजू जैन, दक्षिण दिल्ली सभा के अध्यक्ष श्री हीरा लाल गेलड़ा, गांधी नगर सभा के अध्यक्ष श्री कमल गांधी व मंत्री श्री हेमराज राखेचा सहित विभि्न सभा संस्थाओं के गणमान्य व्यक्तियों एवं श्रावक श्राविक समाज की अच्छी संख्या में उपस्थिति रही।
आभार ज्ञापन तेयुप के उपाध्यक्ष श्री अरविंद सिंघी ने किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन ज्ञानशाला प्रभारी श्री मनोज गंग ने किया।
रोहिणी (दिल्ली)-मंत्र दीक्षा एवं वीतराग पथ कार्यशाला
17 जुलाई 2022, तेरापंथ भवन रोहिणी, युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी डॉ. कुन्दनरेखा जी ठाणा-4 के सान्निध्य में अभातेयुप के निर्देशन तेरापंथ युवक परिषद् दिल्ली के द्वारा में मंत्र दीक्षा एवं वीतराग पथ कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर साध्वीश्री कुंदनरेखा जी ने लगभग 90 बच्चों को मंत्र दीक्षा के नियम करवा कर मंत्र दीक्षा का कार्यक्रम सम्पन्न करते हुए कहा- मंत्रों की शक्ति असीम मानी गई है। विशिष्ट प्रभावक शब्दों का कॉम्बिनेशन- उनका बार बार जप करने पर विद्युत तरंगे उत्पन्न होती हैं, जिससे इच्छित भावनाओं को बल मिलता है।
साध्वीश्री सौभाग्ययशा जी ने कहा - नमस्कार महामंत्र में कुल 68 अक्षर है और दोनों को मिलाने से चौदह बनते है, इसलिए कहा जाता है की इस महामंत्र में चौदह पूर्वों का सार है। जिसमें अरहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय एवं सर्व पंचमहाव्रत धारी जैसी पवित्रात्माओं को नमस्कार किया गया है। बच्चों को यह जप आत्मनिष्ठा से करना चाहिए ताकि विवेक बुद्धि के साथ आत्मशोधन का मार्ग प्रशस्त हो सके। साध्वी श्री कुन्दनरेखा जी वीतराग पथ कार्यशाला के अन्तर्गत चार गति और आठ कर्मों का सरल भाषा में विवेचन किया। कार्यक्रम का प्रारम्भ तेयुप के साथियों द्वारा विजय गीत से हुआ। साध्वी श्री कल्याणयशा जी ने बच्चों को त्रिपदी वन्दना करवाई। तेरापंथ युवक परिषद् दिल्ली के उपाध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने अध्यक्षीय भाषण प्रस्तुत किया। तेरापंथी सभा रोहिणी सभाध्यक्ष श्री विजय जैन ने बच्चों के उज्जव भविष्य की मंगलकामना की। रोहिणी सभा के कोषाध्यक्ष श्री पराग जैन ने यूपीएससी सुश्री नेहा जैन का स्वागत किया एवं उन्हें साहित्य एवं पटका देकर सम्मान किया। रोहिणी ज्ञानशाला एवं पश्चिम विहार ज्ञानशाला के बच्चों ने अपनी अपनी प्रस्तुति नाटक, गीत, संवाद आदि द्वारा प्रस्तुत की। श्रीमती सरोज छाजेड़ ने अपने विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में दिल्ली सभा के उपाध्यक्ष श्री नत्थू राम जैन ,श्री प्रदीप संचेती, मंत्री श्री संजीव जैन, तेयुप दिल्ली के सह मंत्री श्री मनीष पुंगलिया, तेयुप कार्यकर्ता, ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाएँ, व श्रावक श्राविका समाज की उपस्थित रहीं। आभार ज्ञापन श्री अमन जैन ने किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री शुभम जैन ने किया।
शाहदरा (दिल्ली)-मंत्र दीक्षा एवं वीतराग पथ कार्यशाला
17 जुलाई 2022, ओसवाल भवन, युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्या शासनश्री साध्वीश्री रतनश्री जी ठाणा-5 के सान्निध्य में अभातेयुप के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद् दिल्ली के द्वारा में मंत्र दीक्षा एवं वीतराग पथ कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साध्वीश्री रतनश्री जी ने ओसवाल भवन, सूर्यनगर,ल क्ष्मीनगर ज्ञानशाला के उपस्थित ज्ञानर्थियों को मंत्र दीक्षा के नियम करवाएं एवं कार्यशाला में उपस्थित ज्ञानार्थियों, अभिभावकों व श्रावक समाज को सम्बोधित करते हुए कहा- आचार्य श्री तुलसी एक दूरदृष्टा आचार्य थे। उन्होंने सदविकास के लिए अनेक उपक्रम दिए-उनमें एक है मन्त्र दीक्षा। इन छोटे छोटे बच्चों को संस्कारी बनाने के लिए ऐसा आयोजन अत्यावश्यक है। साध्वीश्री सुव्रता जी ने प्रेरणा प्रदान करते हुए चार गति व आठ कर्मो के संदर्भ में विशेष जानकारी दी।
कार्यशाला का प्रारम्भ तेयुप सदस्य के विजय गीत से हुआ। ज्ञानशाला प्रशिक्षिका श्रीमती सुमन सिंघी ने बच्चों को त्रिपदी वन्दना करवाई। तेरापंथ युवक परिषद् दिल्ली के मंत्री अभिनंदन बैद ने कार्यशाला विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। शाहदरा सभाध्यक्ष श्री पन्नालाल बैद ने बच्चों के मंगल भविष्य की मंगलकामना की। तीनों क्षेत्रों के ज्ञानार्थियों की नाटक ,गीत एवं संवाद के माध्यम से भिन्न- भिन्न प्रस्तुतियां हुई। तेममं दिल्ली की मंत्री श्रीमती यशा बोथरा, ज्ञानशाला परिवार से श्री बजरंग कुंडलिया ने प्रेरणादायी वक्तव्य दिया। ओसवाल समाज के अध्यक्ष श्री बाबूलाल दुगड़, शाहदरा सभा के मंत्री श्री आनंद बुच्चा, संगठन मंत्री श्री देवेंद्र पुगलिया की गरिमामय उपस्थिति रही।
आभार ज्ञापन ज्ञानशाला के सह-प्रभारी श्री अमित सुखानी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री पवन श्यामसुखा ने किया।
पीतमपुरा(दिल्ली)- मंत्र दीक्षा व वीतराग पथ कार्यशाला
17 जुलाई 2022, खिलौनी देवी धर्मशाला पीतमपुरा, युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण जी की आज्ञानुवर्ती शिष्या शासनश्री साध्वीश्री रविप्रभा जी ठाणा-5 के सान्निध्य में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् द्वारा मंत्र दीक्षा का कार्यक्रम आयोजित किया गया।सर्वप्रथम तेरापंथ युवक परिषद् दिल्ली के सदस्य द्वारा विजय गीत का संगान किया गया।
शास्त्री नगर ज्ञानशाला के बच्चों द्वारा मंगलाचरण की प्रस्तुति, उत्तर- मध्य ज्ञानशाला के बच्चों ने अनाधि मुनि एवं राजा श्रेणिक के बारे में प्रस्तुति दी। तत्पश्चात शालीमार बाग़ ज्ञानशाला के बच्चों द्वारा - थावच्चा पुत्र का दृष्टान्त, मानसरोवर गार्डन ज्ञानशाला के बच्चों द्वारा मंत्री मुनि एवं बालक मोहन संवाद ,श्री निर्मल जी बैद द्वारा बहुत सुंदर गीतिका की प्रस्तुति दी गई। तेयुप दिल्ली के संगठन मंत्री श्री मानस बोथरा द्वारा स्वागत वक्तव्य दिया गया। महिला मंडल को ओर से श्रीमती मधु रांका द्वारा वक्तव्य दिया गया। शी ज्ञानशाला पो परिवार से श्रीमती मनफूल बोथरा द्वारा वक्तव्य दिया गया। साध्वी श्री पूर्णिमा जी द्वारा मंगल उधबोधन- उन्होंने बताया कि बच्चों को शुरू से ही ऐसे संस्कार देने चाहिए की हमें कभी झूठ नहीं बोलना, ऐसा संकल्प होना चाहिए। साध्वीश्री जी ने बताया कि दिल्ली में 13 ज्ञानशालायें चल रही है, सभी अभिभावको से अनुरोध है की वह अपने बच्चों को ज़्यादा से ज़्यादा ज्ञानशाला से जोड़े। शासनश्री साध्वी श्री रविप्रभा जी द्वारा सभी ज्ञानशाला के बच्चों को मंत्र दीक्षा प्रदान की गई। तेरापंथ युवक परिषद् दिल्ली ज्ञानशाला के सह- प्रभारी श्री निखिल भूतोड़िया ने आभार ज्ञापन किया। जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा पीतमपुरा-दिल्ली द्वारा आये हुए श्रावक-श्राविका समाज का आभार ज्ञापन किया गया।
जैन परम्परा में भी मंत्रविधा का महत्त्व स्वीकारा है। जैनागमों के विधानुप्रवाद ग्रन्थ इसका प्रमाण है, जिसमें एक करोड़ 10 लाख पध प्राय: मंत्र विधाओं का वर्णन है। मंत्र साधना द्वारा पीड़ा, रोग, शोक से तो छुटकारा होता ही है, उससे अधिक सुख-शांति एवं अध्यात्म शक्ति को भी बल मिलता है। इन मन्त्रों में नमस्कार महामंत्र तो ऐसा मंत्र है, जिससे आधि-व्याधि एवं उपाधि का शमन कर समाधि को प्राप्त किया जा सकता है। इस मंत्र को यदि पूरी एकाग्रता, रंग एवं केंद्रों पर ध्यान किया जाये तो अद्भुत सिद्धियाँ, शक्तियां प्राप्त की जा सकती है। मन्त्र में बहुत बड़ी बड़ी शक्तियां छिपी हुई है। इससे मन शांत होता है,समागत विघ्न बाधाओं का नाश होता है।निर्मल आत्माओं में शक्ति का संचार होता है। आधि -व्याधि दूर होती है। अतः बच्चों को नमस्कार महामन्त्र का 27 बार अवश्य जप करना चाहिए। बच्चों को युवक परिषद् द्वारा मंत्रदीक्षा पुस्तक, माला एवं गिफ्ट देकर उत्साह वर्धन किया गया।
तेरापंथ युवक परिषद् दिल्ली
सेवा ▪️ संस्कार ▪️ संगठन
ॐ अर्हम्