जैन धर्मसंघ की परंपरा के अंतर्गत साधु–साध्वियों का चातुर्मासिक प्रवेश समाज में धर्म, अनुशासन और मूल्यों को चेतना जगाने वाला महत्वपूर्ण अवसर होता है। इस वर्ष भी साधु–साध्वियों के चातुर्मासिक प्रवेश पर समाज ने अत्यंत हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ स्वागत किया।प्रवेश अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई, मंगलाचरण, धार्मिक गीतों एवं जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। परिषद के सदस्यों ने मिलकर साधु–संतों के मंगल आगमन को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।परम श्रद्धेय आचार्य श्री महाश्रमण जी ने इस वर्ष दिल्ली के सात (7) क्षेत्रों में चारित्रात्माओं का चातुर्मास प्रदान कर दिल्लीवासियों पर महती कृपा की।
दिल्ली में विराजित सभी चारित्रात्माओं की सूची निम्नलिखित है :
‘बहुश्रुत’ मुनिश्री जितेंद्रकुमार जी – गण-3
ओमावल भवन, विवेक विहार, फेज-2, दिल्ली-110095
मुनिश्री अमितकुमार जी – गण-2
अप्लेक्स भवन, 210, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली-2
‘शासनश्री’ संघमित्राजी – गण-5
गोयल आश्रम निवास, सी-14, ग्रीन पार्क मेन, नई दिल्ली-16
‘शासनश्री’ साध्वीश्री सुबुद्धा जी – गण-4
तेरापंथ भवन, ए-875, शास्त्री नगर, दिल्ली-110052
‘शासनश्री’ साध्वीश्री शिवप्रभा जी – गण-5
तेरापंथ भवन, के-13, मॉडल टाउन-2, दिल्ली-110009
साध्वीश्री डॉ. कृतज्ञरेखा जी – गण-3
अध्यात्म साधना केंद्र, अनुकम्पा भवन, छतरपुर, दिल्ली-74
साध्वीश्री लक्ष्मीप्रभा जी – गण-3
तेरापंथ भवन, सेक्टर-5, रोहिणी, दिल्ली-110085
साध्वीश्री रत्नप्रभाजी, साध्वीश्री परिशुद्धप्रभाजी
(स्वास्थ्य लाभ हेतु)
अध्यात्म साधना केंद्र, गोल भवन, छतरपुर, दिल्ली-74